mushroom ki kheti kaise kare

दोस्तों अगर आप कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं या आपको कृषि में रूचि है तो आप मशरूम की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं क्योंकि इसमें ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ती और कम जगह में ही आप अच्छी पैदावार ले सकते हैं। मशरूम की खेती में आप अपनी लागत की 3-4 गुना कमाई सिर्फ 4 महीने में कर सकते हैं।

मशरूम में फलों और सब्जियों की मात्रा में अधिक प्रोटीन होता है साथ साथ इनमे भरपूर मात्रा में विटामिन और मिनरल भी होते हैं इसलिए लोगों के खान पान में हाल के कुछ समय से अब मशरूम भी शामिल हो गया है और ये और ज्यादा लोकप्रिय होती जा रही है। इसका इस्तेमाल अब लोग घर मैं बनाने या फिर होटल रेस्टोरेंट में मशरूम की डिश ले कर कर रहें हैं जिसकी वजह से बाज़ार में मशरूम की काफी अच्छी डिमांड है। अगर आप मशरूम उगाते हैं तो इसको बेच कर आप अच्छी आमदनी कर सकते हैं।

तो दोस्तों चलिए आपको बताते हैं किस तरह आप भी मशरूम की खेती से स्वरोज़गार कर सकते हैं। सबसे पहले ध्यान देने वाली बात ये है की इससे सम्बंधित सही ट्रेनिंग और जानकारी आपके पास होनी चाहिए और आपको मेहनत करने के लिए तैयार रहना चाहिए , फिर आप आराम से घर से ही पैसा कमा सकते हैं।

mushroom dish

सबसे पहले मशरूम फार्मिंग की ट्रेनिंग लें – First take mushroom farming training

दोस्तों किसी भी बिज़नेस को सुरु करने से पहले आपको उस बिज़नेस के बारे मैं पूरी जानकारी होनी चाहिए। ऐसा ही आपको मशरूम की खेती करने से पहले पता होना चाहिए जैसे कि मशरुम कैसे उगाये जाते हैं, कब उगाये जाते हैं, इन्हें उगाने के लिए कैसे वातावरण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है इत्यादि। और ये सब जानकरी आपको मिलेगी जब आप किसी कृषि संस्था से मशरूम की खेती की ट्रेनिंग लेंगे। National Research Centre for Mushroom (NRCM) के अलावा भी सभी एकग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज और कृषि अनुसंधान केंद्रों में मशरूम की खेती की ट्रेनिंग दी जाती है. अगर आप इसे बड़े पैमाने पर खेती करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा एक बार इसकी सही ढंग से ट्रेनिंग कर लें। साथ ही अगर आपको मौका मिले तो उन लोगों से भी जानकारी हाशिल करें जो पहले से ही मशरूम की खेती कर रहे हैं।

training

मशरूम की खेती के लिए सही जगह – Choose and setup right place for it

दोस्तों मशरूम की खेती हर तरह के पर्यावरण मैं संभव नहीं है, मशरूम की खेती उन्ही जगहों पर आराम से होती है जहाँ तापमान अनुकूल हो और जहाँ पर हवा में नमी अच्छी हो। इसलिय मशरूम की खेती पहाड़ी इलाकों मैं बहुत अच्छी होती है। अगर आप छोटे स्तर पर सीजनल मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो आपको मशरूम की वैरायटी के हिसाब से साल मैं सिर्फ एक बार सही मौसम में पैदावार होगी। और अगर आप साल भर उत्पादन करना चाहते हैं तो आप साल में 3 बार उत्पादन कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको एक पक्के एयर कंडीशन कमरे की जरूरत पड़ेगी ताकि आप हमेशा सही वातावरण बना कर रख सकें।

मशरूम की वैरायटी और कौन से मशरूम की खेती करें – Which variety of mushroom to grow

  • दोस्तों भारत मैं तीन तरह के मशरूम की खेती की जाती है
    • बटन मशरूम
    • ओएस्टर मशरूम
    • पैडी स्ट्रॉ मशरूम

अलग अलग तरह की मशरूम अलग अलग मौसम में पैदा होती हैं जैसे बटन मशरूम शर्दियों मैं, ऑइस्टर मशरूम बरसात में और पैड़ी स्ट्रॉ मशरूम गर्मियों मैं, पर एयर कंडीशन कमरे मैं आप इन्हे कभी भी ऊगा सकते हैं। भारत में या यूँ कहें तो दुनिया में सबसे ज्यादा डिमांड है बटन मशरूम की क्योंकि अधिकतर लोग इसी को खाना पसंद करते हैं और होटल, रेस्टोरेंट वाले भी इसी मशरूम का इस्तेमाल करते हैं। तो अगर आप भी मशरूम की खेती करना चाहते हैं तो आप भी बटन मशरूम की ही खेती करें ताकि वो आसानी से बिक जाए।

मशरूम की खेती की जगह का निर्माण करें – Build mushroom farming setup

racks

मशरूम की खेती आप अपने घर के एक कमरे से छोटे स्तर से भी सुरु कर सकते हैं या फिर बड़े स्तर पर ज्यादा कमरों का निर्माण करके भी कर सकते हैं । जब आपके पास कमरे हो जाएं तो आपको ये ध्यान रखना है कि आपकी कमरे पूरी तरह से बंद हों जहाँ रौशनी न जा सके क्योंकि मशरूम कम रौशनी वाली जगहों पर अच्छे बढ़ते हैं। मशरूम की खेती आप जमीन पर नहीं बल्कि रैक पर या फिर पॉलीथिन बैग मैं करते हैं। मशरूम ज्यादा जगह नहीं घेरते इसलिए एक कमरे में ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करेने के लिए आप अपने कमरे में एक के ऊपर लकड़ी के कई रैक बनाएं , उसमे मशरूम उगाने की कम्पोज़िट डालें, या पॉलिथीन में कम्पोज़िट भर कर रेक पर रख दें और उनके ऊपर मशरूम उगाएं। एक कमरे के रेक बनाने मैं आपको केवल एक बार का खर्चा आएगा।

मशरूम की खेती करने की प्रक्रिया – Process of mushroom farming

compost
compost for mushroom growing
  • बटन मशरूम की स्पान खरीदें – buy good quality spawn
    • मशरूम के बीज को स्‍पान कहतें हैं। बीज की गुणवत्‍ता का उत्‍पादन पर बहुत असर होता है, इसलिए मशरूम का बीज या स्‍पान अच्छी क्वालिटी का लें जिसके बारे मैं आपको ट्रेनिंग मैं जानकारी दी गई हो साथ ही ये ध्यान रखें कि बीज 15 – 20 दिन से अधिक पुराना नही होना चाहिए।
  • मशरूम उगाने के लिए कम्पोस्ट खाद बनाएं – prepare the compost
    • जितने आपने बीज लिए हैं उसके मुकाबले आपको कम्पोस्ट खाद तैयार करनी चाहिए। मान लीजिये आपने 1 किलो बीज लिए हैं तो आपको 100 किलो कम्पोस्ट खाद बनानी चाहिए।
    • 2 किलो बीजों के लिए कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए आप लगभग 100 किलो गेहूँ का भूसा लें और उसमे 30 किलो पोल्ट्री मैनुअर और साथ साथ 5 किलो गेहूँ का चोकर अच्छी तरह से मिला लें।
    • उसको खुले मैं किसी साफ़ जगह पर बिछा लें जिसकी ऊँचाई लगभग 4 फुट और चौड़ाई भी 4 फुट तक रखें। अब इसे अच्छी तरह से पानी से भिगो दें , ध्यान रहे कि इतना ज्यादा पानी भी न डालें की ये बहने लगे। एक बार पूरा गीला होने पर बाद में उसमे समय समय पर पानी का छिड़काव करते रहें ताकि ऊपर की परत सूखें न और नमी बनी रहे।
    • 3 दिन बाद आप इसके ऊपर 2 किलो यूरिया , 2 किलो कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट , 1 किलो पोटाश डालें और पूरे ढेर को अच्छी तरह से पलटते हुए सारी चीजों को इस भूसे के साथ मिला दें। अब फिर से लगभग 4 फुट ऊंचे ढेर में इसको फैला दें।
    • इस ढेर को आप हर तीसरे दिन में पलटाई करते रहेंगे, जब आप चौथी पलटाई करेंगे मतलब बारहवें दिन तब आप इसमें 10 किलो जिप्सम पाउडर भी मिला देंगे और पलटाई करेंगे ताकि नीचे की परत ऊपर हो जाए ऊपर की परत नीचे हो जाए।
    • इस प्रक्रिया से होता ये है कि भूसा विघटित हो कर धीरे धीरे खाद में बदल जाता है। आप इसका Ph लेवल जरूर चैक करते रहें ये 25 दिन में करीब 7.5 के करीब होना चाहिए और जो खाद होगी न वो सूखी होनी चाहिए न गीली उसमे पानी की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि अगर उसे मुट्ठी से दबाएं तो पानी टपकना नहीं चाहिए लेकिन गीला जरूर हो।
    • पलटाई आप लगभग 7 बार करेंगे सातवीं बारी मैं आप इसमें मिलाएँगे कीड़े मारने की दवाई फार्मलीन एवं बेबिस्टीन। हमारे ऊपर के माप के अनुसार हम 10 लीटर पानी में 50 मिली फार्मलीन एवं 50 ग्राम बेबिस्टीन का घोल बना कर पूरे भूसे के ढेर पर छिड़काव कर देंगे और फिर पलटाई कर देंगे। पलटाई करने के बाद हम अपने खाद के ढेर को पॉलिथीन से पूरी तरीके से ढक देंगे ताकि उसके अंदर बिलकुल हवा न जा सके और लगभग 2 दिन तक इसको ऐसे ही रहने देंगे।
    • इस तरह लगभग हमारी खाद बनाने की प्रक्रिया ख़तम होती है लगभग 24 दिन में और हमें बेहतरीन खाद मिल जाती है।
  • मशरूम के बीजों की बुवाई करें spawning
    • खाद बनने के बाद अब हम बुआई के लिए तैयार हैं। आपको करना या है कि आपने जो अपने कमरे मैं रैक बनाएं हैं उसपे आप पॉलिथीन बिछाइये और उनमे खाद की लगभग 9 इंच की ऊचाई की परत मैं बिछा लें।
    • अब इस खाद की परत पर जैसा हमने कहा था 100 किलो खाद मैं आप 1 किलो मशरूम के बीजों को बराबर खाद की परत के ऊपर बिछा दें और पूरा बिछाने के बाद उनको खाद के साथ मिला दें।
    • अब बीज युक्त खाद के मिश्रण को समतल करके उसके ऊपर पहले से कीटनाशक का छिड़काव किये हुए न्यूज़ पेपर को बिछा दें।
    • इस तरह से आपकी बुवाई समाप्त हो जाती है।
  • कमरे को 15 दिनों तक बंद करके रखें – Fafoond growth time
    • बुवाई होने के बाद आप इस कमरे को बिलकुल अँधेरा करके लगभग 15 दिनों के लिए बंद करके रखते हैं ताकि जो खाद हमने जमाई है उसमे फफूंद की परत उग जाए।
    • इस कमरे का तापमान 30 डिग्री से ऊपर नहीं जाना चाहिए और इस कमरे की नमी 80% से हमेशा ऊपर ही होनी चाहिए क्योकि इसी कंडीशन मे मशरूम का विकास होता है।
    • तापमान और नमी को लगातार जांचने के लिए आप कमरे के अंदर यंत्र लगा के रखें और समय समय पर आ के जांच करें।
    • इस बीच आप खाद के ऊपर पानी का छिड़काव समय समय पर करते रहें ताकि उसमे भी नमी बनी रहे।
    • इस तरह 15 दिन के करीब आप देखेंगे कि आपकी खाद के ऊपर फफूंद लग चुकी होगी और आपकी खाद की ऊपरी परत अब फफूंद के कारण बिलकुल सफ़ेद दिखेगी जो अच्छी निशानी है।
  • खाद के ऊपर एक और खाद की परत चढ़ाएं – casing process
    • दोस्तों जब आपकी खाद पर फफूंद की परत चढ़ जाए तो फिर बारी आती है इस फफूंद के ऊपर दूसरी खाद की लगभग 4-5 सेमी की परत चढाने की।
    • ये खाद आप पुराने सूखे गोबर को पीस कर बनाएँगे और उसमे 5% फॉर्मलीन कीटनाशक मिला कर लगभग 4 से 5 दिन तक इसको भी पलट पलट कर सूखा लेंगे ताकि इसमें से कीटाणु ख़तम हो जाएं।
    • अब आप इस कीटाणुरहित सूखे गोबर की खाद की 4-5 सेमी की परत को पहले से फफूंद उगी हुई खाद की पूरी परत के ऊपर बिना दबाव के चढ़ा देंगे।
    • इस तरह से आपकी केसिंग की प्रक्रिया खत्म होती है और अब फिर से आप इस कमरे को लगभग 10 दिनों तक बंद रखेंगे , तापमान और नमी सही बना के रखेंगे , बीच में आप दिन मैं सुबह और शाम को इस खाद की परत के ऊपर हल्का पानी का छिड़काव करेंगे ताकि नमी बानी रहे।
    • इस प्रक्रिया के बाद अब 10 दिन बाद आपको मशरूम की फसल के पिन हेड उगते हुए दिखने लगेंगे।
    • जब आपको मशरूम के पिन हेड उगते हुए दिखने लगें तो अब आप कमरे में थोड़ी हवा की आवाजाही के लिए छोटे रोशनदान को खोल सकते हैं जो बहुत जरूरी है क्योकि अब मशरूम को बढ़ने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी।
    • और अब 4-5 दिनों के बाद आपकी मशरूम की फसल धीरे धीरे पूरी खाद के ऊपर बड़ी होने लगेगी।
  • बटन मशरूम की तुड़ाई और पैकिंग – harvesting and packing for sale
    • अब जब आपकी फसल बड़ी हो रही है तो लगभग 2 महीनो तक इसमें से पैदावार निकलती रहेगी।
    • आप सही आकर के मशरूम को घुमा कर या चाक़ू से काट कर तोड़ लें और फिर उनपर लगी सारी खाद मिटटी को साफ़ पानी में सावधांनी से धो कर पानी से निकाल लें।
    • पानी उड़ जाने पर इनकी पॉलीथीन पैकेट मैं वजन के हिसाब से पैकिंग करें और बाज़ार मे बेचें।
    • अलग अलग शहरों और समय के अनुसार मशरूम लगभग 100 रुपये से 200 रुपये प्रति किलो तक बिकते हैं।

तो दोस्तों इस तरह से आपने देखा कि मशरूम की खेती कर फसल उगाने में लगभग 4 महीने का वक़्त लगता हैं जिसमे एक महीना खाद बनाने का, एक महीना कमरे के अंदर की तैयारी से ले कर पिन हेड उगने तक और फिर अगले 2 महीने पैदावार की तुड़ाई और बेचने का काम। उसके बाद अगर आप फिर से मशरूम उगना चाहते हैं तो आपको ये पूरी प्रक्रिया फिर से करनी पड़ती है क्योंकि आपकी पुरानी खाद को आप फिर से नयी फसल के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते। आप अपनी पुरानी खाद को बेच सकते हैं।

इस तरह मशरूम की खेती की प्रक्रिया साल भर चलती रह सकती है और आप साल मैं 3 फसल ऊगा सकते हैं अगर आप एयर कंडीशन या पॉलीहाउस में खेती करते हैं अन्यथा आप सीजन में जो कि बटन मशरूम के लिए सितम्बर से फेब्रुअरी का है उसमे एक बार फसल ऊगा कर भी अपने किये हुए खर्चे से दुगुनी से ज्यादा कमाई कर सकते हैं वो भी सिर्फ 4 महीने मैं ।

कुछ सावधानियां और सुझाव

  • सबसे पहला तो ये की इसकी अच्छे इंस्टिट्यूट से ट्रेनिंग जरूर लें।
  • दूसरा, सही सीजन में सही वैरायटी के मशरूम की खेती करें।
  • तीसरा, मशरूम उगाने वाला कमरा सही तरीके से बनाएं जिसका आकार प्रकार अच्छा खासा हो, जिसमे सही उपकरण और सही तरीके से रैक का सेटअप लगाएं।
  • चौथा ,कम्पोस्ट खाद अच्छी बनाएं ताकि फसल अच्छी हो और फसल को रोगों से बचाएं।
  • और पाँचवाँ ये कि सही समय पर मशरूम को बाजार मैं बेच दें , इसके लिए पहले से ही सब्जी वालों, रिटेल स्टोर्स, रेस्टोरेंट , होटल आदि से आर्डर बुक कर लें।
mushroom sale

तो दोस्तों ये थी मशरूम की खेती करने के बारे मैं जानकारी , यकीन मानिये बहुत से किसान भाई और बहुत से पढ़े लिखे लोग भी अब मशरूम की खेती कर रहे हैं क्योकि इसकी डिमांड बढ़ती जा रही है और इसमें प्रॉफिट मार्जिन काफी अच्छा है। तो आप भी स्वरोज़गार के लिए मशरूम की खेती कर सकते हैं चाहे छोटे से सुरुवात करें या फिर अच्छे खासे बड़े स्तर पर। मशरूम की खेती को सरकार भी बढ़ावा दे रही है और इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की कई योजनाएं हैं जिनमे आपको फ्री ट्रेनिंग के साथ साथ आसान किस्तों मैं लोन और सब्सिडी भी मिल जाती है , इसके लिए अपने शहर के सरकारी कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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