kechua khad vermicompost business

दोस्तों समझिये आजकल हर कोई अपने खान पान को लेकर ज्यादा चिंतित है और होना भी चाहिए , हम सब चाहते हैं कि हम स्वस्थ भोजन खुद भी करें और अपने परिवार को भी स्वस्थ भोजन उपलब्ध करवाएं।

हम जानते हैं कि आजकल जितने भी खाद्यान्नों, फलों और सब्जियों की पैदावार होती है उनमे केमिकल फर्टिलाइज़र और कीटनाशकों का प्रयोग होता है जो इनके साथ हमारे खाने तक पहुंच जाते हैं और हमारे शरीर को नुकशान पहुँचाते हैं साथ साथ ये केमिकल पर्यावरण को भी दूषित कर रहे हैं।

इन सभी बातों को ध्यान में रख कर अब लोग जैविक खाद्यान्नों, फलों और सब्जियों की मांग करने लगें हैं जो दिन भर दिन बढ़ती जा रही है , और सरकार भी किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रोत्शाहित कर रही है।

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जैविक खेती का मतलब है खेती करने का वो तरीका जिसमे केमिकल की जगह जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का इस्तेमाल होता है।

जैविक खेती का उपयोग बढ़ने के कारण जैविक खाद की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है क्योकि इसमें उगे हुए उत्पादों को खाने वालो हम-आप लोग के साथ साथ किसानो का भी फायदा होता है, और सरकार इसी दिशा में काफी महत्वपूर्ण काम कर रही है।

इसका मतलब ये हुआ कि जैविक खाद की खपत और मांग बहुत बढ़ने वाली है और यही सच भी है, तो यहाँ पर एक स्वरोज़गार का आईडिया जन्म लेता है कि क्यों न जैविक खाद के उत्पादन का बिज़नेस सुरु किया जाए। जी हाँ दोस्तों बहुत से किसान और पढ़े लिखे लोग भी अब जैविक खाद के बिज़नेस मैं कूद चुके हैं और महीने के लाखों रुपये शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं वो भी बहुत कम खर्चे में।

तो चलिए दोस्तों आपको बताते हैं कैसे आप भी जैविक खाद बनाने का बिज़नेस सुरु कर अपना भविष्य बना सकते हैं।

सबसे पहले ट्रेनिंग लें – Take proper training for business

दोस्तों कोई भी बिज़नेस चाहे आसान हो या कठिन आपको बिज़नेस के बारे में पूरी और सटीक जानकारी होनी चाहिए इसलिए केचुआ खाद का बिज़नेस करने से पहले भी आपको इसकी ट्रेनिंग लेनी चाहिए जो आप अपने निकटतम कृषि विज्ञानं केंद्र या एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से ले सकते हैं। भले ही आप किसान हों जो खेती से ही जुड़े हों फिर भी आपको यह बिज़नेस सुरु करने से पहले ट्रेनिंग लेनी चाहिए जो काफी मददगार होगी।

जैविक खाद क्या है – what is organic compost manure

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जैविक खाद वह खाद है, जिसमें रसायनिक खाद के स्थान पर गोबर की खाद, कम्पोस्ट, हरी खाद, जीवाणु कल्चर आदि का उपयोग किया जाता है, जिससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनी रहती है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होता। साथ ही कृषि लागत घटने व उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ने से कृषक को अधिक लाभ भी मिलता है। इस खाद से उगाए गए खाद्य पदार्थ पौष्टिक होते हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी बेहतर है, ये मुख्यतः दो प्रकार की है।

  • कम्पोस्ट खाद – इसमें अपने आप खाद बनती है।
  • केचुआ खाद – वर्मी कम्पोस्ट खाद ( इसमें केंचुवों की मदद ली जाती है )

इनमे जो बेहतर जैविक खाद मानी जाती है वो है केचुआ खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद क्योंकि इस खाद मैं पोषक तत्व ज्यादा होते हैं और खाद में बदबू भी नहीं होती।

दोस्तों कम्पोस्ट खाद और केचुआ खाद दोनों एक ही तरीके से बनती है अंतर सिर्फ इतना है कि एक में हम केचुओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए हम आपको केचुआ खाद के बारे में बताएंगे।

खाद बनाने के लिए लगने वाली चीजें – Input material for vermi-compost making

  • बचे खुचे या सड़े गले फल – सब्जियां , बचा हुआ खाना और अन्य जैविक कचरा
  • मिलाने के लिए कोई भी सूखी पत्तियां , भूसा , लकड़ी का बुरादा आदि ( नीम की पत्तियाँ इस्तेमाल कर आप और ज्याद मूल्य की खाद बना सकते हैं )
  • गोबर
  • बहुत सारे केचुआ ( केवल सुरुवात में , बाद में ये खुद ही बहुत हो जाएंगे )
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खाद बनाने के लिए जमीन और गड्डे या कम्पोस्ट पिट का निर्माण – Land and construction of compost pits

दोस्तों हमारी जो खाद बनेगी उसके लिए हमें गड्डे या पिट बनाने पड़ेंगे ये आपको एक बार ही बनाने हैं जिसका खर्चा आपको केवल एक बार उठाना है। साथ ही आपको पिट मैं पानी छिड़कने की व्यवस्था भी करनी होगी जिसके लिए आप छोटा पंप और प्लास्टिक का घरेलू पाइप इस्तेमाल कर सकते हैं या ड्रिप तकनीक भी लगा सकते हैं । अब आपको बताते हैं पिट बनाने का तरीका।

  • आपको यह बिज़नेस ऐसी जगह पर ही सुरु करना चाहिए जहाँ इसके लिए कच्चा माल जो ऊपर बताया गया है वो भरपूर और लगातार आसानी से सस्ते मैं मिलता रहे। यह बिज़नेस अधिकतर गांव में या शहर के बाहर ही करना चाहिए।
  • एक पिट की लम्बाई ज्यादा से ज्यादा 30 फुट तक रखिये चौड़ाई 4 फुट से ज्यादा नहीं और ऊँचाई आप 2 फुट तक रख सकते हैं। इस एक पिट से आपको हर 4 महीने मैं लगभग 100 किलो तक खाद मिलेगी। एक किलो खाद आप 20-30 रुपये प्रति किलो बेच कर कम से कम 15-20 रुपये प्रति किलो मुनाफा कमा सकते हो। और इसके हिसाब से आप अपना प्रोडक्शन प्लान कर सकते हैं कि आपको कितने पिट बनाने पड़ेंगे और आपको जगह कितनी लगेगी, अगर आपके पास अपनी जमीन है तो बहुत अच्छा है नहीं तो आप ये बिज़नेस बिलकुल सस्ते किराये वाली जमीन पर करें।
  • आप ईंट की दीवार के पिट बनाएँगे जिनकी दीवारों पर आप कोई सीमेंट का प्लास्टर नहीं लगाएंगे जबकि पिट के नीचे की सतह को आप अच्छी सीमेंट से पक्की बनाएँगे।
  • पिट की दीवारों पर चारों तरफ बराबर दूरी पर ईंटों के बीच मैं छेद छोड़ेंगे जिससे इन छेदों के द्वारा पिट के अंदर खाद में हवा आ जा सके।
  • पिट लम्बाई मैं एक दुसरे से जुड़े होंगे और इनके बीच की दीवार मैं भी ईंटों के बीच बराबर दूरी मैं छेद छोड़ेंगे जिससे केचुए एक गड्डे से दुसरे गड्डे में अपने आप जा सकें। अगर हम गड्डे दूर दूर बनाते हैं तो हमें हाथ से केचुओं को एक गड्डे से दुसरे गड्डे में ले जाना पड़ता है और इसमें परेशानी हो सकती है।
  • जब आपके सारे पिट बन जाएंगे फिर आपने इनके ऊपर छाया करने के लिए चारों तरफ से खुला शेड लगा देना है ताकि आप इनको सीधे धूप पड़ने से बचा सकें। आप एक पालीहाउस में भी ये कर सकते हैं।

गड्डों की भराई और खाद का उत्पादन – Filling of compost pit and production

दोस्तों गड्डा भरने का तरीका इस प्रकार है – Process Timeline

  • आप तीन पिट का बैच बनाएँगे मतलब आप एक साथ सारे गड्डे नहीं भरेंगे बल्कि तीन में से एक गड्डा पहले भरेंगे और बाकी के दो एक एक महीने के अंतराल पर। क्योकि एक गड्ढे में खाद बनने मे लगभग तीन महीने लगते हैं। जब हम इस तरह से काम करते है तो केचुए एक गड्डे को खाद में बदल कर दुसरे में चले जाते हैं और हमे तीन महीने बाद पहला गड्डा ऐसा मिलता है जिसमे सिर्फ खाद हो केचुए नहीं। और हम आराम से इसे खोद कर निकाल सकते हैं। इस तरीके से हमें लगातार खाद मिलती रहती है।
  • पहला दिन :- इस पिट के अंदर आप गोबर और बचे खुचे या सड़े गले फल – सब्जियां , बचा हुआ खाना और अन्य जैविक कचरा जो उपलब्ध हो साथ साथ पत्तियां या भूसा सब लगभग बराबर मात्रा में छोटा छोटा काट कर , मिला कर पूरे पिट को भर लें और थोड़ा पानी छिड़क कर इसको भिगोकर काले पालीथीन से पूरा ढंक दें। और लगभग 5 दिन बाद इसको पलटाई करें फिर पानी छिड़क कर भिगों दें और फिर पालीथीन से पूरा ढंक दें इससे कचरे में विघटन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। ऐसा आप 5वे, 10वे और 15वे दिन करेंगे।
  • पंद्रह दिन बाद :- 15वे दिन पलटाई करते वक़्त आप इसमें लगभग 4-हज़ार वयस्क केंचुए डाल देंगे जो कि आपको पहली बार खरीदने पड़ेंगे बाद मैं नहीं क्योकि ये हर सात सप्ताह मैं स्वयं ही दुगुने हो जाएंगे। अब आप इस केंचुए मिले हुए कचरे के ऊपर टाट की बोरियों बिछा दीजिये और अब इसको अगले एक महीने तक ऐसे ही रहने दीजिये बिना हिलाए। आप सुबह शाम इसपर पानी छिड़कते रहें ताकि आपके टाट की बोरियां हमेशा गीली रहें।
  • तीस दिन बाद :- तीसवें दिन के करीब अब आपके पहले पिट से लगे हुए दुसरे पिट का पहला दिन होगा और अब आप दुसरे पिट पर भी उसी तरह से काम करेंगे जैसा पहले को किया।
  • पैंतालीस दिन बाद :- पैंतालीस दिन मैं आप अपने पहले पिट की अपने हाथों से पलटाई करेंगे बहुत ही सावधानी के साथ और देखेंगे की अगर कुछ ठोस है तो उसको दबा कर बारीक कर लेंगे। और फिर से टाट की बोरी बिछा देंगे। दुसरे पिट का आज होगा 15वा दिन तो उस हिसाब से करें।
  • साठ दिन बाद :- साठवें दिन तक आपके पहले पिट में खाद लगभग बन चुकी होगी लेकिन गीली होगी और उसमे केचुए होंगे। इसलिय अब हम अपने पहले पिट को पानी से भिगोना बंद कर देंगे और टाट हटा लेंगे। इससे यह होगा कि 2-3 दिन में पहले पिट की खाद ऊपर से सूखने लगेगी और केंचुए नीचे चले जाएंगे। आप अब इसके ऊपर की परत को खरोंच कर खाद निकाल सकते हो जहाँ तक गीला न हो। अगले 2-3 दिन में फिर दूसरी परत इस तरह परत दर परत आप लगभग 15 दिन में एक पिट की पूरी खाद निकाल लोगे। इस बीच केंचुवे दीवार के छेदों से दुसरे गीले पिट मैं चले जाएंगे। साठवें दिन आपके दुसरे पिट का होगा तीसवां दिन और तीसरे पिट का पहला दिन और आप ऊपर काम उसी हिसाब से करेंगे।
  • पिचत्तर दिन बाद :- इस तरह पिचत्तर दिन मैं आप अपने पहले पिट से केचुवा खाद निकाल चुके होंगे और अब उसमे फिर सुरु से खाद बनाने की प्रक्रिया को किया जाएगा। और साथ मैं बाकी पिट भी अलग अलग स्टेज पर होंगे।
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खाद की पैकिंग और बिक्री – Packaging and Sale of Vermicompost

एक बार जब आपका खाद बनाने का प्रोसेस सुरु हो जाता हैं तो आपको पिट से लगातार खाद मिलने लगती ही , अब आपका काम होता है इसको बेचना। आप अपनी खाद को 2-3 तरीकों से बेच सकते हो, ये तरीके बहुत कुछ निर्भर करते हैं आपकी प्रोडक्शन छमता और उद्देश्य पर।

  • खुली खाद – इसमें आप अपनी खाद की कोई पैकिंग नहीं करते, आप इसके ढेर लगा कर अपने पास जमा करके रखते हैं और जिनको खरीदना होता है वो आपको आर्डर देते हैं और आप ट्रेक्टर आदि वाहन में भर कर ग्राहक तक पंहुचा देते हैं। इस तरीके मैं अधिकतर आपके ग्राहक आस पड़ोस के स्थानों के ही किसान होते हैं।
  • खुद की ब्रांडिंग, पैकिंग, मार्केटिंग – इस तरीके मैं आप अपना खुद का ब्रांड रजिस्टर करवा कर अपनी खाद को अलग अलग वजन के पैक बना कर देश के अलग अलग कोनों मैं दुकानों के द्वारा अपने ग्राहकों तक पहुंचते हो.
  • थोक बिक्री – इस तरीके में आप किसी दूसरे ब्रांड को अपनी सारी खाद थोक दामों में बेचते रहते हो जो उसको आगे अपने नाम पर बेचता है।

तो दोस्तों ये थी जानकारी जैविक केंचुआ खाद बनाने का बिज़नेस के बारे मैं। ये आसान और कम खर्चे वाला बिज़नेस है जिसमे आपका एक किलो खाद बनाने में सब खर्चा मिला कर पांच रुपये आता है और बिक्री आप लगभग 30 रुपये तक या उससे भी ऊपर कर सकते हैं इस तरह अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

साथ साथ भारत सरकार और राज्य सरकार केचुआ खाद बनाने के बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं आप इनके बारे मे जानकारी अपने निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र से ले सकते हैं।

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